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अगर आप भी PF खाते से निकालने रहे है पैसा तो जान ले ये नियम, नहीं तो कट जायेगा टैक्स

अगर कोई कर्मचारी 5 साल की अवधि से पहले अपना पीएफ निकाल लेता है तो उसे ईपीएफ निकालते समय टैक्स भरना पड़ता है, लेकिन, इसके साथ कुछ शर्तें भी लागू हैं, जिसके चलते आप पर टैक्स देनदारी बन सकती है. आइए आपको इस नियम के बारे में डिटेल में बताते हैं-

 

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कब निकाले EPF से पैसा

टैक्स एक्सपर्ट गौरी चड्ढा के मुताबिक, आपको अपने EPF में से 5 साल के बाद पैसा निकालना चाहिए. अगर आप 5 साल से पहले 50 हजार से ज्यादा रकम निकालते हैं तो आपको उस पर 10 फीसदी TDS देना होता है.

 

किस तरह बचाएं TDS?

अगर आपको TDS और टैक्सेबिलिटी से बचना है तो आपको 5 साल से ज्यादा अपनी सर्विस रखनी है. अगर आप 5 साल बाद पैसा निकालते हैं तो कोई भी टैक्सेबिलिटी आपके ऊपर नहीं आती है.

 

क्यों लगता है TDS?

5 साल से पहले पैसा निकालने पर एंप्लायर का कॉन्ट्रिब्यूशन होता है वह इनकम फ्रॉम सैलरी में आ जाता है और जो एंप्लाई का कॉन्ट्रिब्यूशन होता है वो इनकम फ्रॉम अदर सोर्सेज में आ जाता है और दोनों के जो ब्याज मिलते हैं वह भी टैक्सेबल होते हैं.

 

ये फॉर्म सब्मिट करने पर बचेगा TDS

वहीं अगर आपकी इनकम 2.5 लाख से कम है और आपने PF में से पैसा निकाला है तो आप फॉर्म 15GH सब्मिट कर सकते हैं तो आपका TDS नहीं कटेगा.

 

इन बातों का रखना ध्यान-

>> 5 साल से पहले EPF खाते से पैसा निकालने पर टैक्स

>> 50 हजार से ज्यादा की रकम निकालने पर 10 फीसदी TDS

>> TDS से बचने के लिए आपको 5 साल बाद PF खाते से पैसा निकालना चाहिए.

>> PF में योगदान के चार कंपोनेंट

>> इम्प्लाई का योगदान, कर्मचारी के जरिए जमा कराई गई रकम और दोनों पर ब्याज

 

कब पैसा निकालने पर टैक्स नहीं-

>> इम्प्लाई की नौकरी चली गई हो

>> कंपनी बंद होने की स्थिति में

>> इम्प्लाई की मृत्यु होने पर

>> ज्वाइनिंग के साथ PF ट्रांसफर

 

जॉब नहीं होने पर PF का पैसा निकालने का ये है रूल

EPF नियमों के मुताबिक, कोई सदस्य नौकरी के दौरान जमा किये गए कुल रकम का 75% जॉब छोड़ने के एक महीने बाद निकाल सकता है. अगर व्यक्ति दो महीने से ज्यादा बेरोजगार रहता है तो वह PF अकाउंट से पूरी रकम निकाल सकता है.

 

किन मौकों पर PF पर टैक्स देना जरूरी-

 

PF में योगदान के चार कंपोनेंट हैं-इम्पलॉई का योगदान, नियोक्ता द्वारा जमा कराई गयी रकम और दोनों पर ब्याज. इन चार में से तीन पर आपको टैक्स चुकाना पड़ता है-नियोक्ता के योगदान, आपके योगदान पर ब्याज और नियोक्ता के योगदान पर ब्याज.

 

>> पांच साल से पहले PF अकाउंट से रकम निकाली जाय तो उस पर आपको टैक्स चुकाना पड़ता है. इस हालत में आपको EPF के सभी चार कंपोनेंट पर टैक्स चुकाना पड़ेगा. इस रकम पर टैक्स की गणना हर उस साल के हिसाब से की जाएगी जिसमें आपने पीएफ अकाउंट में रकम जमा कराई है.

 

>> आपके PF में निवेश पर टैक्स की गणना इस बात पर भी निर्भर होती है कि आपने उस साल में आईटीआर फाइल करते वक्त इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 80C के तहत डिडक्शन का लाभ लिया है या नहीं.

 

इनकम टैक्स कानून के हिसाब से अगर आप PF में रकम जमा करते हैं तो आपके योगदान पर इनकम टैक्स में छूट मिलती है. अगर इस समय आपकी आमदनी शून्य है, तब भी आपको PF अकाउंट से रकम निकालने पर इनकम टैक्स चुकाना पड़ेगा. इसकी वजह यह है कि जिस साल PF में योगदान किया गया उस साल आपकी और आपके नियोक्ता की टैक्स देनदारी घट गयी थी.

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