CG बिग ब्रेकिंग : छत्तीसगढ़ में 18 से 44 वर्ष का कोरोना टीकाकरण हुआ स्थगित, जानिए क्या वजह
Spread the love

देश में बढ़ते कोरोना संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने  1 मई से 18 साल से ज्यादा के सभी लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने की अनुमति दे दी है. मोदी सरकार ने सोमवार को ये फैसला लिया. वैक्सीन मैन्युफैक्चरर सीधे राज्य को 50 फीसदी वैक्सीन बेच सकते हैं. फैसले के मुताबिक भारत सरकार 1 मई से COVID-19 टीकाकरण के तीसरे फेज की शुरुआत कर रही है.

 

ये भी पढ़े-छग ब्रेकिंग : नक्सलियों ने मुखबिरी के शक में दो युवकों को उतारा मौत के घाट, इलाके में सनसनी

 

18 साल से ज्यादा उम्र के सभी लोगों को वैक्सीन 

1 मई से 18 साल से ज्यादा उम्र के सभी लोग कोरोना की वैक्सीन लगवा सकेंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक अहम बैठक में यह फैसला लिया गया. बैठक के बाद भारत सरकार ने एक मई से कोरोना वैक्सीनेशन के तीसरे चरण के रणनीति की घोषणा की.

 

वैक्सीनेशन प्रक्रिया में तेजी का फैसला 

पीएम मोदी ने कहा कि ‘पिछले एक साल से सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि देश के ज्यादा से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई जाए. इसलिए हमने अब वैक्सीनेशन प्रक्रिया में तेजी लाने का फैसला किया है. 1 मई से कोरोना वैक्सीनेशन का तीसरा चरण शुरू होगा, और इस दिन से 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोग भी कोरोना का टीका लगवा सकेंगे.’

 

ये भी पढ़े-शानदार ऑफर, मात्र 20 हजार रुपये में यहाँ मिल रहा है Bajaj Platina 125, जाने डिटेल

 

चुकानी होगी वैक्सीन की कीमत? 

अभी तक 45 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को सरकारी अस्पतालों में कोरोना का टीका फ्री लगााया जा रहा था. लेकिन 18 से अधिक उम्र के लोगों को वैक्सीन के लिए कीमत चुकानी होगी या नहीं इसपर सरकार ने फिलहाल कोई बयान जारी नहीं किया है. उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही केंद्र की तरफ से कीमतों की घोषणा की जाएगी.

 

ये भी पढ़े-CG NEWS : 165 मौतें, छत्तीसगढ़ में कोरोना का कहर, कल फिर 165 मौतें, 13834 मिले नए केस, जानिए अपने शहर का हाल

 

वैक्सीनेशन में तेजी के लिए राज्यों को अधिकार 

तीसरे चरण में वैक्सीन की कमी ना हो इसलिए टीकों की खरीदारी के नियमों में ढील दी गई है. इसके अलावा राज्यों को अब सीधे वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों से अतिरिक्त डोज लेने का अधिकार दिया गया है. इसके तहत वैक्सीन निर्माता कंपनी अब अपनी सप्लाई की कुल क्षमता के 50 प्रतिशत तक स्टॉक को पहले से घोषित कीमतों पर राज्य सरकारों और खुले बाजार में भेज सकेंगे.

By Editor