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 तेलंगाना में कोरोना वायरस  के बढ़ते मामलों को देखते हुए 10 दिन के लॉकडाउन का ऐलान किया गया है. 12 मई सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले इस लॉकडाउन में सुबह 6 बजे से 10 बजे तक सभी गतिविधियों की छूट होगी इसके बाद पूर्ण लॉकडाउन लागू कर दिया जाएगा. तेलंगाना कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को यह फैसला लिया गया. राज्य में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए तेलंगाना सरकार ने यह फैसला किया है. तेलंगाना कैबिनेट ने कोविड-19 की वैक्सीन के लिए ग्लोबल टेंडर्स के आवेदन स्वीकार करने का भी फैसला किया है.

 

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तेलंगाना में सोमवार को 4,826 नए मामले सामने आने के बाद कोरोना वायरस के केस 5 लाख का आंकड़ा पार कर गए थे. जबकि 35 लोगों की मौत के बाद कोविड-19 से जान गंवाने वालों का आंकड़ा 2,771 हो गया था. राज्य में 62,797 सक्रिय मामले हैं और लगभग 66,000 नमूनों का परीक्षण किया गया. राज्य में कुल मामलों की संख्या 5,02,187 पहुंच गई है, जबकि 7,754 लोगों के ठीक होने के साथ, कोविड से उबर चुके लोगों की संख्या 4 लाख 36 हजार 619 हो गई है.

 

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तेलंगाना में मृत्यु दर 0.55 प्रतिशत

राज्य में अब तक 1.36 करोड़ से अधिक नमूनों का परीक्षण किया गया है. तेलंगाना में प्रति 10 लाख की आबादी पर 3.67 लाख लोगों का कोविड टेस्ट किया जा चुका है. तेलंगाना में मृत्यु दर 0.55 प्रतिशत हो गई है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 1.1 प्रतिशत है. राज्य में ठीक होने वालों की दर 86.94 प्रतिशत है, जबकि देश में यह 82.3 प्रतिशत है.

 

वहीं राज्य में बढ़ते मामलों को देखते हुए तेलंगाना पुलिस राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में पड़ोसी आंध्रप्रदेश से आने वाले मरीजों की एंबुलेंस को रोक रही है. अस्पतालों के पास बेड के लिए इंतजार कर रहे मरीजों की कतार से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिन मरीजों को बेड दिए जाने की पुष्टि की गयी है, उन्हें ही सीमा से राज्य में आने की अनुमति दी जा रही है.

 

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तेलंगाना के सीमाई जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘हम देख रहे हैं कि बेहतर इलाज की उम्मीद में बहुत सारे मरीज दूसरे राज्यों से आ रहे हैं. हालांकि जिन मरीजों को किसी भी अस्पताल में बेड मिलने की पुष्टि नहीं की गयी है उन्हें आने की इजाजत नहीं दी जा रही. बेड नहीं मिलने वाले लोग अस्पतालों के बाहर इंतजार करते रहते हैं.’’

By Editor