जानिए आखिर क्यों दिलीप कुमार ने शोले फिल्म में ठाकुर के रोल के लिए किया था इनकार

‘शोले’ फिल्म में काम करने वाले सभी एक्टर्स के करियर में मील का पत्थर साबित हुई थी। इसकी कहानी सलीम-जावेद ने लिखी थी। इस फिल्म में ऐसे कई यादगार किरदार थे जो इस फिल्म को सुपर-डुपर हिट बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। फिल्म में ऐसा ही एक किरदार ठाकुर का था, जिसके इर्द-गिर्द पूरी फिल्म की कहानी थी। फिल्म में इस किरदार को संजीव कुमार ने निभाया था, मगर संजीव कुमार के पहले दिलीप कुमार को इस रोल का ऑफर दिया गया था। लेकिन, Dilip Kumar Ne Sholay Film में ठाकुर के रोल के लिए इनकार कर दिया।

 

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रमेश सिप्पी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘शोले’ साल १९७५ के अगस्त के महीने में रिलीज़ हुई थी। इस फिल्म को रिलीज़ हुए अब तक़रीबन ४४ साल बीत चुके है, मगर आज भी लोग इस फिल्म को देखना पसंद करते है। एक ज़माना ऐसा भी था कि लोगों की जुबान पर शोले फिल्म का एक-एक डायलॉग रहा करता था।

 

Sholay Film की कहानी लिखने वाले सलीम-जावेद की जोड़ी ने अपने जीवन से जुडी कई घटनाओं को इस फिल्म का हिस्सा बनाया था। इतना ही नहीं इस फिल्म के किरदारों के नाम भी सलीम साहब ने अपने जानने वालों के नाम पर रखा था। फिल्म में शादी का सीन जावेद अख्तर की शादी के प्रस्ताव से प्रेरित था।

 

Sholay Film में काम करने वाले सभी कलाकारों में सभी गब्बर का किरदार ही करना चाहते थे, मगर सभी को सख्त लहजे में ये समझा दिया गया कि किस कलाकार को किसका रोल करना है।ऐसे में बात अगर ठाकुर के किरदार की करें तो ये रोल सबसे पहले मशहूर अभिनेता Dilip Kumar साहब को ऑफर किया गया था। लेकिन दिलीप कुमार ने इस रोल को करने से मना कर दिया। दिलीप साहब का कहना था कि ठाकुर के किरदार में वेरायटी नहीं है। बाद में इसी किरदार को अभिनेता संजीव कुमार ने अपने अभिनय से अमर बना दिया।

 

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ठाकुर के इस किरदार के लिए अभिनय ना करने का अफ़सोस Dilip Kumar साहब को बाद में हुआ। Dilip Kumar से एक इंटरव्यू में जब ये पूछा गया कि क्या इनके पूरे फ़िल्मी करियर में इन्हें किसी फिल्म में काम ना करने का मलाल है? तो इसके जवाब में दिलीप कुमार ने चार फिल्मों के नाम लिए थे, जो हिंदी सिनेमा के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों से लिखी जा चुकी थी। इन फिल्मों के नाम थे बैजू बावरा, गुरुदत्त की प्यासा, अमिताभ की जंजीर और शोले।

 

By Editor